जब कक्षा 5 और कक्षा 3 के तीन बच्चे बन गए नैनीताल के जिलाधिकारी ।
हल्द्वानी । सरकारी स्कूलों की पढने वालों बच्चो के भविष्य को लेकर सियासत और नौकरशाही के लोग कितने चितिंत है , इस सवाल का अगर जवाब जानना हो तो रामपुर रोड देवलचौड़ चौराहा स्थित प्राइमरी स्कूल के बच्चों से पूछे।
दरअसल शिक्षा का यह मंदिर लंबे समय से शराबियों और नशेड़ियों का गढ बन गया है। बावजूद इसके पुलिस है कि बेखबर बनी हुई है। लेकिन मीडिया के माध्यम से जब यह खबर जिले के मुखिया दीपेन्द्र कुमार चौधरी तक पहुंची तो तुरंत डीएम ने स्कूल के भृमण की ठान ली। प्रशासनिक अफसरों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम ने बुधवार दोपहर विद्यालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने व्यवस्था सुधारने और नशेड़ियों पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिये।
प्राइमरी स्कूल में अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते डीएम दीपेन्द्र चौधरी
बच्चे बोले- हम भी बनेंगे डीएम
निरीक्षण के दौरान ऐसा कुछ घट गया जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जब डीएम दीपेन्द्र ने बच्चों से यह सवाल किया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो तीन बच्चों का ऐसा जवाब आया कि खुद डीएम साहब भी हक्के बक्के रह गये।
डीएम के सवाल पर कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा,नितिन और कक्षा 3 में पढने वाली छात्रा आशा बिष्ट ने कहा कि वह बडे होकर डीएम बनना चाहते हैं। और समाज की सेवा करने चाहते हैं। नन्हें बच्चों के मुंह से समाज के लिए चिन्ता को देख डीएम साहब ने भी ऐसा कुछ किया कि बच्चों के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला हैरान हो गया।
20 मिनट तक 3 बच्चे बने नैनीताल के डीएम
बच्चों के मुंह से डीएम बनने का ख्वाब जानकर डीएम दीपेन्द्र ने भी उन्हें ऐसी सौगात दी की वह उसे ताउम्र याद रखेंगे। डीएम ने तीनों बच्चों को अपनी गाडी में बिठाकर रामपुर रोड में मानपुर पश्चिम तक का सफर करवाया। करीब 20 मिनट तक डीएम दीपेन्द्र चौधरी की गाड़ी में घूमने के बाद बच्चों ने एक -एक कर शहर की समस्याएं गिनाई।
20 मिनट तक डीएम बनके हल्द्वानी की समस्याओं का मंथन कर उतरते गाड़ी से उतरते तीनों बच्चे
तीनों बच्चों ने डीएम को सड़क किनारे गंदगी के ढेर , ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पेड़ो के कटने से बिगड़ते पर्यावरण की चिंता को जाहिर किया। कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा ने डीएम साहब को स्कूल के खराब शौचालय की हालत को भी बताया। डीएम ने भी बच्चों की समाज के लिए बच्चों की चिंता पर गंभीरता दिखाते हुए उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। और 5 लाख रूपये की फौरी मदद स्कूल प्रबंधन को दी।
हल्द्वानी । सरकारी स्कूलों की पढने वालों बच्चो के भविष्य को लेकर सियासत और नौकरशाही के लोग कितने चितिंत है , इस सवाल का अगर जवाब जानना हो तो रामपुर रोड देवलचौड़ चौराहा स्थित प्राइमरी स्कूल के बच्चों से पूछे।
दरअसल शिक्षा का यह मंदिर लंबे समय से शराबियों और नशेड़ियों का गढ बन गया है। बावजूद इसके पुलिस है कि बेखबर बनी हुई है। लेकिन मीडिया के माध्यम से जब यह खबर जिले के मुखिया दीपेन्द्र कुमार चौधरी तक पहुंची तो तुरंत डीएम ने स्कूल के भृमण की ठान ली। प्रशासनिक अफसरों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम ने बुधवार दोपहर विद्यालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने व्यवस्था सुधारने और नशेड़ियों पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिये।
प्राइमरी स्कूल में अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते डीएम दीपेन्द्र चौधरी
बच्चे बोले- हम भी बनेंगे डीएम
निरीक्षण के दौरान ऐसा कुछ घट गया जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जब डीएम दीपेन्द्र ने बच्चों से यह सवाल किया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो तीन बच्चों का ऐसा जवाब आया कि खुद डीएम साहब भी हक्के बक्के रह गये।
डीएम के सवाल पर कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा,नितिन और कक्षा 3 में पढने वाली छात्रा आशा बिष्ट ने कहा कि वह बडे होकर डीएम बनना चाहते हैं। और समाज की सेवा करने चाहते हैं। नन्हें बच्चों के मुंह से समाज के लिए चिन्ता को देख डीएम साहब ने भी ऐसा कुछ किया कि बच्चों के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला हैरान हो गया।
20 मिनट तक 3 बच्चे बने नैनीताल के डीएम
बच्चों के मुंह से डीएम बनने का ख्वाब जानकर डीएम दीपेन्द्र ने भी उन्हें ऐसी सौगात दी की वह उसे ताउम्र याद रखेंगे। डीएम ने तीनों बच्चों को अपनी गाडी में बिठाकर रामपुर रोड में मानपुर पश्चिम तक का सफर करवाया। करीब 20 मिनट तक डीएम दीपेन्द्र चौधरी की गाड़ी में घूमने के बाद बच्चों ने एक -एक कर शहर की समस्याएं गिनाई।
20 मिनट तक डीएम बनके हल्द्वानी की समस्याओं का मंथन कर उतरते गाड़ी से उतरते तीनों बच्चे
तीनों बच्चों ने डीएम को सड़क किनारे गंदगी के ढेर , ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पेड़ो के कटने से बिगड़ते पर्यावरण की चिंता को जाहिर किया। कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा ने डीएम साहब को स्कूल के खराब शौचालय की हालत को भी बताया। डीएम ने भी बच्चों की समाज के लिए बच्चों की चिंता पर गंभीरता दिखाते हुए उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। और 5 लाख रूपये की फौरी मदद स्कूल प्रबंधन को दी।