5-6 दिनो से ग्राम पंचायत कुंडेश्वरी में पानी की समस्या का हल कल निकल गया है आज प्रातकाल से पानी नलों पर आना प्रारंभ हो जाएगा
Kundeshwari
Saturday, 7 December 2019
Tuesday, 26 February 2019
फ्लाइट में अपने 4 महीने के बच्चे के साथ एक महिला सफर कर रही थी। महिला साउथ कोरिया के सियोल शहर से सैंन फ्रांसिस्को जा रही थी, जो 10 घंटे का सफर था।महिला फ्लाइट में चढ़ते ही उसमें सवार 200 पैसेंजर्स को एक-एक गुडी बैग्स देने लगी। पहले तो किसी को इसकी वजह समझ नहीं आई। पर जब इसके अंदर बच्चे के नाम से रखाएक इमोशनल नोट पढ़ा,तब मामला समझ आया। इसमें नोट के साथ ईयर प्लग्स और कुछ टॉफियां थीं। हम भी आपके साथ उस महिला की फोटो और ये इमोशनल नोट शेयर कर रहे हैं।
नोट में क्या लिखा था ?
- महिला ने बेटे के नाम से नोट में लिखा, ''हैलो, मैं जूनवो हूं और मैं 4 महीने का हूं। आज मैं अपनी मां और दादी के साथ अमेरिका अपनी आंटी को देखने के लिए जा रहा हूं। मैं थोड़ा नर्वस और डरा हुआ हूं क्योंकि ये मेरी पहली फ्लाइट है। इस वजह से मैं रो भी सकता हूं और शोर भी मचा सकता हूं''
- नोट में आगे लिखा, ''मैं शांत रहने की कोशिश करूंगा लेकिन मैं कोई वादा नहीं कर सकता हूं, इसलिए मुझे माफ करें। इसी वजह से मेरी मां ने आपके लिए छोटे गुडी बैग्स तैयार किए हैं। इसमें कुछ कैंडीज और ईयरप्लग्स हैं। अगर मेरी वजह से ज्यादा शोर-शराबा हो तो प्लीज इसका इस्तेमाल करें। अपनी ट्रिप का मजा लें। धन्यवाद।''
नोट में क्या लिखा था ?
- महिला ने बेटे के नाम से नोट में लिखा, ''हैलो, मैं जूनवो हूं और मैं 4 महीने का हूं। आज मैं अपनी मां और दादी के साथ अमेरिका अपनी आंटी को देखने के लिए जा रहा हूं। मैं थोड़ा नर्वस और डरा हुआ हूं क्योंकि ये मेरी पहली फ्लाइट है। इस वजह से मैं रो भी सकता हूं और शोर भी मचा सकता हूं''
- नोट में आगे लिखा, ''मैं शांत रहने की कोशिश करूंगा लेकिन मैं कोई वादा नहीं कर सकता हूं, इसलिए मुझे माफ करें। इसी वजह से मेरी मां ने आपके लिए छोटे गुडी बैग्स तैयार किए हैं। इसमें कुछ कैंडीज और ईयरप्लग्स हैं। अगर मेरी वजह से ज्यादा शोर-शराबा हो तो प्लीज इसका इस्तेमाल करें। अपनी ट्रिप का मजा लें। धन्यवाद।''
भारतीय वायुसेना को इस साहसिक कार्य के लिए हार्दिक बधाई व आभार एवं उनके रण कौशल और साहस को सलाम। आज पूरे देश को अपने वायु सैनिकों और भारत सरकार पर गर्व हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल और प्रखर नेतृत्व में भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता और खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। पूरा भारतवर्ष इस मुहिम में भारतीय सेना और माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के कुशल और प्रखर नेतृत्व में भारत सरकार के साथ पूरी एकता और मजबुती के साथ खड़ा है! पूरे देश का सहयोग और समर्थन आपके साथ है! समस्त वीर शहीदों को श्रद्धान्जलि व कोटि कोटि नमन, आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जय हिन्द, जय भारत!
Airstrike, SurgicalStrilke2, IndianAirForce, IndianArmy
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Monday, 28 January 2019
Tuesday, 22 January 2019
Thursday, 26 October 2017
जब कक्षा 5 और कक्षा 3 के तीन बच्चे बन गए नैनीताल के जिलाधिकारी ।
हल्द्वानी । सरकारी स्कूलों की पढने वालों बच्चो के भविष्य को लेकर सियासत और नौकरशाही के लोग कितने चितिंत है , इस सवाल का अगर जवाब जानना हो तो रामपुर रोड देवलचौड़ चौराहा स्थित प्राइमरी स्कूल के बच्चों से पूछे।
दरअसल शिक्षा का यह मंदिर लंबे समय से शराबियों और नशेड़ियों का गढ बन गया है। बावजूद इसके पुलिस है कि बेखबर बनी हुई है। लेकिन मीडिया के माध्यम से जब यह खबर जिले के मुखिया दीपेन्द्र कुमार चौधरी तक पहुंची तो तुरंत डीएम ने स्कूल के भृमण की ठान ली। प्रशासनिक अफसरों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम ने बुधवार दोपहर विद्यालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने व्यवस्था सुधारने और नशेड़ियों पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिये।
प्राइमरी स्कूल में अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते डीएम दीपेन्द्र चौधरी
बच्चे बोले- हम भी बनेंगे डीएम
निरीक्षण के दौरान ऐसा कुछ घट गया जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जब डीएम दीपेन्द्र ने बच्चों से यह सवाल किया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो तीन बच्चों का ऐसा जवाब आया कि खुद डीएम साहब भी हक्के बक्के रह गये।
डीएम के सवाल पर कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा,नितिन और कक्षा 3 में पढने वाली छात्रा आशा बिष्ट ने कहा कि वह बडे होकर डीएम बनना चाहते हैं। और समाज की सेवा करने चाहते हैं। नन्हें बच्चों के मुंह से समाज के लिए चिन्ता को देख डीएम साहब ने भी ऐसा कुछ किया कि बच्चों के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला हैरान हो गया।
20 मिनट तक 3 बच्चे बने नैनीताल के डीएम
बच्चों के मुंह से डीएम बनने का ख्वाब जानकर डीएम दीपेन्द्र ने भी उन्हें ऐसी सौगात दी की वह उसे ताउम्र याद रखेंगे। डीएम ने तीनों बच्चों को अपनी गाडी में बिठाकर रामपुर रोड में मानपुर पश्चिम तक का सफर करवाया। करीब 20 मिनट तक डीएम दीपेन्द्र चौधरी की गाड़ी में घूमने के बाद बच्चों ने एक -एक कर शहर की समस्याएं गिनाई।
20 मिनट तक डीएम बनके हल्द्वानी की समस्याओं का मंथन कर उतरते गाड़ी से उतरते तीनों बच्चे
तीनों बच्चों ने डीएम को सड़क किनारे गंदगी के ढेर , ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पेड़ो के कटने से बिगड़ते पर्यावरण की चिंता को जाहिर किया। कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा ने डीएम साहब को स्कूल के खराब शौचालय की हालत को भी बताया। डीएम ने भी बच्चों की समाज के लिए बच्चों की चिंता पर गंभीरता दिखाते हुए उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। और 5 लाख रूपये की फौरी मदद स्कूल प्रबंधन को दी।
हल्द्वानी । सरकारी स्कूलों की पढने वालों बच्चो के भविष्य को लेकर सियासत और नौकरशाही के लोग कितने चितिंत है , इस सवाल का अगर जवाब जानना हो तो रामपुर रोड देवलचौड़ चौराहा स्थित प्राइमरी स्कूल के बच्चों से पूछे।
दरअसल शिक्षा का यह मंदिर लंबे समय से शराबियों और नशेड़ियों का गढ बन गया है। बावजूद इसके पुलिस है कि बेखबर बनी हुई है। लेकिन मीडिया के माध्यम से जब यह खबर जिले के मुखिया दीपेन्द्र कुमार चौधरी तक पहुंची तो तुरंत डीएम ने स्कूल के भृमण की ठान ली। प्रशासनिक अफसरों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम ने बुधवार दोपहर विद्यालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने व्यवस्था सुधारने और नशेड़ियों पर अंकुश लगाने के भी निर्देश दिये।
प्राइमरी स्कूल में अधिकारियों के साथ मीटिंग लेते डीएम दीपेन्द्र चौधरी
बच्चे बोले- हम भी बनेंगे डीएम
निरीक्षण के दौरान ऐसा कुछ घट गया जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जब डीएम दीपेन्द्र ने बच्चों से यह सवाल किया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो तीन बच्चों का ऐसा जवाब आया कि खुद डीएम साहब भी हक्के बक्के रह गये।
डीएम के सवाल पर कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा,नितिन और कक्षा 3 में पढने वाली छात्रा आशा बिष्ट ने कहा कि वह बडे होकर डीएम बनना चाहते हैं। और समाज की सेवा करने चाहते हैं। नन्हें बच्चों के मुंह से समाज के लिए चिन्ता को देख डीएम साहब ने भी ऐसा कुछ किया कि बच्चों के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला हैरान हो गया।
20 मिनट तक 3 बच्चे बने नैनीताल के डीएम
बच्चों के मुंह से डीएम बनने का ख्वाब जानकर डीएम दीपेन्द्र ने भी उन्हें ऐसी सौगात दी की वह उसे ताउम्र याद रखेंगे। डीएम ने तीनों बच्चों को अपनी गाडी में बिठाकर रामपुर रोड में मानपुर पश्चिम तक का सफर करवाया। करीब 20 मिनट तक डीएम दीपेन्द्र चौधरी की गाड़ी में घूमने के बाद बच्चों ने एक -एक कर शहर की समस्याएं गिनाई।
20 मिनट तक डीएम बनके हल्द्वानी की समस्याओं का मंथन कर उतरते गाड़ी से उतरते तीनों बच्चे
तीनों बच्चों ने डीएम को सड़क किनारे गंदगी के ढेर , ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पेड़ो के कटने से बिगड़ते पर्यावरण की चिंता को जाहिर किया। कक्षा 5 में पढने वाले देव लखेरा ने डीएम साहब को स्कूल के खराब शौचालय की हालत को भी बताया। डीएम ने भी बच्चों की समाज के लिए बच्चों की चिंता पर गंभीरता दिखाते हुए उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। और 5 लाख रूपये की फौरी मदद स्कूल प्रबंधन को दी।
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पानी की समस्या
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भारतीय वायुसेना को इस साहसिक कार्य के लिए हार्दिक बधाई व आभार एवं उनके रण कौशल और साहस को सलाम। आज पूरे देश को अपने वायु सैनिकों और भारत सर...
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